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BREAKING | अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में सामने आया देश के एक बड़े पत्रकार का नाम, जानिये इस रिपोर्ट में

by IRC-ADMIN - Apr 5 2019 11:52AM

सत्ता के खेल में किस प्रकार से हमारे देश के अंदर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया इसका एक प्रबल उदाहरण हमें एक बार फिर से देखने को मिला है। आपको अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला तो याद ही होगा। यह हाईप्रोफाइल घोटाला इतना गहरा है कि इसकी परतें हर दिन खुल रही है और कल क्रिश्चियन मिशेल ने जो खुलासे किए उससे हमारे देश की व्यवस्था हिल जाएगी। पैसे के खेल से जिस प्रकार से मीडिया को खरीदा गया और कुछ तथाकथित क्रांतिकारी पत्रकारों ने देश की सेना पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए, जिससे देश की सुरक्षा पर एक बड़ा धक्का लगा लेकिन यह सब कुछ तत्कालीन सरकार की सरपरस्ती में हो रहा था।

इसी अगस्तावेस्टलैंड घोटाले के अंदर कल प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी और उस चार्जशीट में जो बड़े खुलासे किए गए वह आपको यह सोचने पर मजबूर कर देगी कि हमारे देश के अंदर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। इस खुलासे ने राजनेता मीडिया और बड़े अधिकारियों की पोल खोल कर रख दी है। अपनी चार्जशीट में प्रवर्तन निदेशालय ने बताया है कि क्रिश्चियन मिशेल ने अपने हाथ से लिखी डायरी में जो नाम शॉर्ट फॉर्म में लिखे थे उसके फुल फॉर्म क्या है।

■ अहमद पटेल का नाम :

प्रवर्तन निदेशालय को क्रिश्चियन मिशेल ने बताया है कि उसकी डायरी में AP का मतलब अहमद पटेल और fam का मतलब फैमिली है। इस खुलासे के बाद से कांग्रेस के अंदर हड़कंप मचना लाज़मी है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह वही अहमद पटेल है जो कांग्रेस के अंदर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बहुत करीबी सलाहकार हैं। गुजरात के अंदर अहमद पटेल ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह को जेल पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इसके साथ ही यह वही अहमद पटेल है जिनकी साजिशों के कारण प्रधानमंत्री मोदी को सांप्रदायिक मंत्री के रूप में इतने सालों तक देश की मीडिया ने दिखाया था। वैसे उस मीडिया की भी पोल चार्जशीट के अंदर खुली है। जिसमें स्पष्ट रूप से दो ऐसे मीडिया पत्रकारों का नाम लिया गया है जो अपने आप को बहुत लिबरल, बहुत सेक्युलर और बहुत न्यूट्रल बताते हैं। लेकिन उनकी असली असलियत यह है कि वह बड़े घोटाले के बीच में बिचौलिए का काम करते हैं। उनको इसके पीछे बड़ी मोटी रकम भी मिलती है। यह समाज के अंदर ऐसा माहौल बनाने का प्रयास करते हैं कि कोई एक रक्षा डील कितनी सही और कितनी गलत है। अहमद पटेल ने इन तथाकथित ओपिनियन मेकर्स को पैसे खिलाकर मीडिया के अंदर यह हवा फैलाई थी कि अगस्ता वेस्टलैंड का हेलीकॉप्टर देश के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

■ शेखर गुप्ता और मनु पबि का नाम :

इंडियन एक्सप्रेस के शेखर गुप्ता और मनु पबि ने देश के अंदर यह माहौल बनाने क प्रयास किया था कि यह हेलीकॉप्टर देश की सुरक्षा के लिए बेहतर है। यदि आपको याद हो तो इंडियन एक्सप्रेस ने ही सबसे पहले यह खबर चलाई थी कि हमारे देश की सेना सरकार को गिराने के लिए तैयारी कर चुकी थी। तत्कालीन रक्षा मंत्री वीके सिंह के ऊपर भी आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने देश की सरकार को गिराने के लिए सेना को तैयार कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय को क्रिश्चियन मिशेल ने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कुछ बड़े शक्तिशाली नेताओं के दबाव में थे। उन्ही नेताओं के द्वारा इन मीडिया कर्मियों को ना सिर्फ पैसे खिलाए गए बल्कि पेड खबरें चलाई गई। इसने देश के अंदर एक ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया जिसमें यह बताया गया कि अगस्तावेस्टलैंड भारत के लिए बेहतर डील है।

■ RG का मतलब क्या?

प्रवर्तन निदेशालय ने यह बताया कि क्रिश्चियन मिशेल की डायरी के अंदर 'RG' नामक व्यक्ति का जिक्र है। निदेशालय का दावा है कि अगस्ता वेस्टलैंड सौदे के सिलसिले में इस व्यक्ति को 2004 से 2016 तक 50 करोड़ रुपए मिले थे। इसी मामले में आरोपी सुषेन गुप्ता की रिमांड मांगते समय ईडी ने सनसनीखेज खुलासा किया था। सुषेन के दावों की सत्यता की जांच करने के लिए ईडी का कहना है कि उसने रजत गुप्ता से पूछताछ की, जिन्होंने अपने बयान में कहा कि RG के बारे में सुषेन गुप्ता ही समझा सकते हैं। ईडी का मानना है कि सुषेन गुप्ता सच नहीं बोल रहे हैं, और यह खुलासा नहीं कर रहे हैं कि असली 'आरजी' कौन है?

■ इटालियन औरत और उसके भावी प्रधानमंत्री बेटे का भी नाम :

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी चार्जशीट के अंदर एक इटालियन महिला और उसके बेटे का जिक्र किया है। इस चार्जशीट में क्रिश्चियन मिशेल ने यह बताया है कि इस इटालियन महिला और उसके बेटे, जो भारत के होने वाले प्रधानमंत्री हैं, उनके साथ बैठके भी हुई थी। इससे सीधा शक सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ऊपर जाता है। क्योंकि इससे स्पष्ट कुछ भी नहीं हो सकता। देश के रक्षा सौदों को लेकर देश को गुमराह किया जाना और मीडिया, राजनेता तथा व्यवस्था को किस प्रकार से भ्रष्ट करके अपना हित निकाला जाता है, यह सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अच्छे से पता है। वह जिस राफेल के ऊपर आज लोगों के बीच झूठ फैला रहे हैं उनका खुद का दामन अगस्तावेस्टलैंड घोटाले में इतना गंदा है कि उसकी परतें खुलकर सामने आ रही हैं।

मीडिया, ब्यूरोक्रेट्स और राजनेताओं की सहायता से अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को इस डील के लिए सबसे उपयुक्त करार दिया गया। जबकि सच्चाई कुछ और ही थी। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि हमारे देश के अंदर तत्कालीन सरकार ने कितने बड़े घोटाले किए हैं। इसी बात को क्रिश्चियन मिशेल ने प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में भी बताया है कि तत्कालीन राज कर रही सरकार ने इन तीनों ही चीजों का भरपूर इस्तेमाल करते हुए अगस्तावेस्टलैंड को इस डील को प्राप्त करने में सहायता कराई। इसके बदले में जो पैसा इन लोगों को दिया गया वह विभिन्न पेपर कंपनियों के द्वारा दिया गया। इन्हीं पेपर कंपनियों के द्वारा यह पैसा बिचौलियों से भ्रष्टाचारियों तक पहुंचाने में उसी AP ने काम किया। AP मतलब अहमद पटेल।

प्रवर्तन निदेशालय के इस चार्जशीट सीट से एक बात स्पष्ट रूप से सामने आती है कि यूपीए सरकार के दौरान जितने गहरे घोटाले हुए, उसमें देश के बड़े मीडिया हाउस, देश के ब्यूरोक्रेट्स, देश के राजनेता और देश की व्यवस्था में बैठे कुछ ऐसे लोगों का हाथ था जो देश को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बहुत खतरनाक है क्योंकि अगर 2014 के अंदर यूपीए सरकार दोबारा आ गई होती तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था की नीव टूट गई होती।

देश की अर्थव्यवस्था को इतना बड़ा आघात पहुंचाने वाली कांग्रेस पार्टी को जनता माफ नहीं करने वाली। यदि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री ना बने होते तो हमें यह भी पता नहीं चलता कि कितनी गहराई से भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है। इसके साथ ही हमें यह भी आभास नहीं हो पाता कि हमारे देश में जिस व्यक्ति को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के लिए यूपीए ने खड़ा किया है वह खुद कितना भ्रष्ट है। प्रवर्तन निदेशालय की यह सनसनीखेज़ चार्जशीट सीधे रुप से यह बताती है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी की गई है।

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