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Politics - Elections 2019

UP की लड़की का राहुल गाँधी को खुला पत्र - राहुल जी मर्द बनिये !

by Ruchi Yadav - Mar 14 2019 12:00PM

आदरणीय राहुल गांधी जी (क्योंकि UP वाले शिष्टाचार नहीं भूलें हैं),

मेरा नाम रुचि है। लखनऊ की निवासी हूँ। ज़रूरी पहचान के बाद अब मैं मुख्य मुद्दे पर आती हूँ। दक्षिण भारत में आपका दिया हुआ भाषण सुना। सुनकर दुख भी हुआ, और गुस्सा भी आया। दुख इस बात को ले कर हुआ कि हमारे देश में सदन के अंदर पिछले एक दशक से एक ऐसा चुना हुआ सांसद भी है जो देश के लिए एक बोझ बनता जा रहा है। यह बोझ कोई और नहीं बल्कि आप हैं। आपका भाषण सुनकर मुझे यह पता चला कि देश के अंदर राजनैतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए विभाजनकारी विचारधारा का भी समर्थन करने से पीछे नहीं हटेंगी। 

आपके भाषण में वैसे तो बहुत कुछ था जिसके ऊपर सवाल पूछे जा सकते हैं, लेकिन मैं आपसे बस तीन सवाल पूछना चाहती हूं। आपने अपने भाषण में कहा कि दक्षिण भारत उत्तर भारत से बेहतर है। वैसे आप जैसे सांसद से परिपक्वता की उम्मीद तो बहुत पहले ही छोड़ दी थी, लेकिन आपको अलगाववादियों का मुखिया बनने की रेस में दौड़ता हुआ देख मुझे यह पूर्ण रूप से समझ में आ गया है कि आप इस देश के लिए एक बोझ से अधिक कुछ नहीं है। इसी देश के दो भागों के बीच आपने जिस प्रकार से फूट डालने का प्रयास किया, वह निंदनीय है। आपके द्वारा देश विभाजित करने का यह कुत्सित प्रयास देख मुझे आश्चर्य नहीं हुआ। आप उसी परिवार से आते हैं जिसने अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षाओं के लिए इस देश के दो टुकड़े कर दिए थे। आपके द्वारा अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षा के लिए ऐसा करना अब मुझे आश्चर्य में नहीं डालता है। 

आपका दूसरा बयान था कि दक्षिण भारत में महिलाएं उत्तर भारत के मुकाबले अधिक सुरक्षित हैं। यह सुनकर और भी गुस्सा आया कि अपने उत्तर भारतीयों को एक बार फिर से गाली दे दी। आपके कहने का यह मतलब है कि उत्तर भारतीय महिलाओ का सम्मान नहीं करते हैं। आपने ऐसी धारणा क्या देख कर बना ली, यह तो भगवान ही जाने, लेकिन एक बात स्पष्ट है कि आपको उत्तर भारतीयों के बारे में लेश मात्र भी अंदाजा नहीं है। हम उत्तर भारतीय वो हैं जो स्त्री के रूप में देवी का वास देखते हैं। हम वो हैं जहाँ कन्याओ से पैर तक नहीं छुआये जाते हैं। ऐसे लोगों को आपने स्त्रियों का अपमान करने वाला घोषित कर दिया। आपको महिलाओं की ठेकेदारी किसने दी है? याद करिये की इसी देश की एक बेटी ने जब आपसे NCC के बारे में पूछा था तब आपके होश फाख्ता हो गए थे। कैसे आपने हाथ खड़े कर यह बोल दिया था कि आपको NCC के बारे में कुछ नहीं मालूम। याद है? जब आपको हमारे देश की सुरक्षा एजेंसियों के बारे में ही नहीं मालूम, तो आप महिलाओं की सुरक्षा पर कैसे टिप्पणी कर सकते हैं? क्या आपको देश की उन महिलाओं के बारे में पता है जिन्होंने सेना में अपनी भागीदारी दिखाकर हमारे देश की सुरक्षा में अपना अतुलनीय योगदान दिया है। आपने कितने ऐसे संसदीय क्षेत्रों का दौरा किया है जहां महिलाएं प्रताड़ित हैं? आप तो खुद उस पार्टी के साथ गठबंधन कर के 2017 में उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़े थे जिनके मुखिया बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को 'लड़कों की गलती' सिद्ध करते हैं। और आज आप महिला सुरक्षा की बातें कर रहे हैं? धर्म में फूट डालने के बाद आपने अब क्षेत्रवाद की भी राजनीति शुरू कर दी। निंदनीय....

क्या आप यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग स्त्रियों का अपमान करते हैं? इसको विडंबना कहें या हमारा दुर्भाग्य कि आप भी हमारे ही प्रदेश से सांसद हैं। आपके पूरा परिवार हमारे ही प्रदेश के अमेठी से सांसद रहा है लेकिन अपने कभी अमेठी को आगे नहीं बढ़ाया। संभवतः आपके पूरे परिवार ने सिर्फ देश को लूटना ही सीखा है। इतिहास आपके परिवार के कुकृत्यों से भरा हुआ है। हम उत्तर प्रदेश और बिहार के वासियों के सामने ही आप हाथ जोड़े खड़े रहते हैं ताकि आपकी झोली में वोटों की कुछ भीख मिल जाये। आपकी यम बातों ने महिलाओं को बहुत आहत किया है। यकीन मानिये आपकी बुद्धि लगातार हमारे देश के सम्मान पर पर कुठाराघात कर रही है। 

आप कब तक अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए महिलाओं का सहारा लेंगे? मत भूलिए कि आज आप कांग्रेस जैसी पार्टी के अध्यक्ष अपने काम की वजह से नहीं, बल्कि अपने नाम की वजह से हैं। भले आपके पारितोषक पर पल रहे आपके चाटुकार कुछ भी कहें, लेकिन पूरे देश को मालूम है कि आपके इस नामुमकिन से दिख रहे राजनैतिक उदय के पीछे सोनिया गांधी का हाथ है। अपने 'पारिवारिक व्यापार' में आने के बाद भी आपको अपनी बहन प्रियंका गांधी का सहारा लेना पड़ा, इतना ही नहीं, आपने राजनितिक फायदे के लिए अपनी बहन के रूप को प्रदर्शनी पर लगा कर घृणित प्रयास किया है। अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षाओं के लिए अपनी बहन का मीडिया के साथ सौदा करने का जो घृणित पाप आपने किया है, वह दुनिया में सबसे घटिया कार्यों में से एक है। क्या आपका महिलाओं का सम्मान मात्र आपके राजनैतिक स्वार्थ तक निहित है? इसका जवाब आपको जनता को देना पड़ेगा क्योंकि आप एक सीट से (फिलहाल तक) जनता के प्रतिनिधि हैं।

एक महिला होने के नाते हमें बचपन से ही घर को जोड़ना सिखाया जाता है। किसी भी स्थिति में घर को टूटने नहीं देना है। परिस्थितियां चाहें जैसी भी हो, आर्थिक रूप से कमज़ोर या भावनात्मक रूप से अस्थिर, हर स्थिति में घर को साथ ले कर चलना हमारा कर्तव्य होता है। ऐसा ही हम भारत के नेतृत्व से भी अपेक्षा करते है, लेकिन आपकी इन बातों को सुनकर यह स्पष्ट है कि आप देश जोड़ने वाले नहीं, बल्कि तोड़ने वाले व्यक्तियों में से है। इतने कठोर शब्दों को मैं सार्वजनिक जीवन मे इस्तेमाल नहीं करती हूं, लेकिन आप जैसे निचले दर्जे की राजनीति करने वाले व्यक्ति को जवाब देना बहुत आवश्यक था। आइंदा से हमारे देश को दो फाड़ में बांटने वाली सोच का प्रतिनिधित्व करना छोड़ दीजिये। आपके परदादा ने इस देश को तोड़ा, आपकी दादी ने हमारे समाज को, आपकी माता जी ने हमारे देश की अर्थव्यवस्था को तोड़ा और अब आप अपने खानदानी व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए हमारे सदभाव को तोड़ रहे हैं। धिक्कार है!

राहुल जी! ईश्वर के लिए अब राजनीति को बक्श दीजिये। आपकी राजनैतिक महत्वकांक्षाएं अब देश पर एक बोझ बन चुकी हैं। आप देश के लिए एक भार बनते जा रहे हैं जो देश के बाद अब विदेशों में भी जा कर 'वंशवाद' को जस्टिफाई कर देश की बदनामी करा रहा है। इस देश में हुर्रियत को कश्मीर तक ही रहने दीजिए। दिल्ली में हुर्रियत के नेता बनने का प्रयास न करें। महिला सुरक्षा को अब आप छोड़ ही दें तो बेहतर, क्योंकि जिस 'वीमेन एम्पावरमेंट' के नाम पर आपने एक टीवी न्यूज चैनल के पूरे साक्षात्कार को समर्पित कर दिया, उसने ही आपको पूरे देश में उस नाम का ठप्पा दे दिया, जो मैं लिखना नहीं चाहती। आपको बस एक सलाह है, अपनी वृद्ध माता जी और अपनी ब्याही गयी छोटी बहन का सहारा लेना बंद कीजिए। अपनी नाकामियों को स्वीकार सुधार कीजिये, न कि देश विरोधी ताकतों के 'स्लीपर सेल' की तरह काम करिये।

मर्द बनिये!


आपसे शिष्टाचार की उम्मीद ना रखने वाली,
भारतीय सशक्त महिला,
रूचि यादव,
लखनऊ 


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